Top Exporting Countries: आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक्सपोर्ट किसी देश की आर्थिक ताकत और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का एक बड़ा पैमाना होता है. इलेक्ट्रॉनिक से लेकर ऑटोमोबाइल तक देश अलग-अलग महाद्वीप में सामान सप्लाई करने के लिए एक दूसरे से मुकाबला करते हैं. ग्लोबल एक्सपोर्ट रैंकिंग के आंकड़ों के मुताबिक एक देश वैश्विक व्यापार पर काफी बड़े अंतर से अपना दबदबा बनाए हुए है. आइए जानते हैं कौन सा है वह देश.
चीन पहले नंबर पर
वैश्विक एक्सपोर्ट के मामले में चीन पहले नंबर पर है. दुनिया भर में होने वाले कुल सामान्य के एक्सपोर्ट में इसका हिस्सा लगभग 14.4% होता है. लगभग 3.77 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात के साथ चीन बाकी देशों से काफी आगे है. इसका दबदबा बड़े पैमाने पर होने वाली मैन्युफैक्चरिंग की वजह से है. स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक से लेकर सोलर पैनल और खिलौने तक चीन दुनिया के लगभग हर कोने में सामान सप्लाई करता है.
हाई-टेक एक्सपोर्ट में मजबूत
संयुक्त राज्य अमेरिका इस मामले में दूसरे नंबर पर है. इसका एक्सपोर्ट लगभग 2.18 ट्रिलियन डॉलर है और वैश्विक बाजार में इसका हिस्सा 8.3% का है. चीन के बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग करने वाले मॉडल के उलट अमेरिका ज्यादा कीमत वाले एक्सपोर्ट पर ध्यान देता है. इसका ध्यान विमान, मेडिकल उपकरण, रिफाइंड पेट्रोलियम और आधुनिक टेक्नोलॉजी वाले उत्पाद पर है.

जर्मनी तीसरे स्थान पर
जर्मनी वैश्विक स्तर पर तीसरे नंबर पर है. 1.76 ट्रिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट संभालने वाला यह देश विश्व भर में 6.7% की हिस्सेदारी रखता है. इसी के साथ नीदरलैंड 989 बिलियन डॉलर के एक्सपोर्ट के साथ चौथे स्थान पर है. वहीं हांगकांग 753 बिलियन डॉलर के साथ पांचवें नंबर पर है. यह चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया से आने वाले सामान को दुनिया के बाकी हिस्सों तक पहुँचाने का काम करता है.
जापान कौन से पायदान पर?
जवान छठे नंबर पर है. इसका कुल एक्सपोर्ट 738 बिलीयन डॉलर का है. इसकी ताकत ऑटोमोबाइल, रोबोटिक और इलेक्ट्रॉनिक में है. ऑटोमोबाइल के कुछ बड़े ब्रांड वैश्विक बाजारों पर अपना दबदबा बनाए हुए हैं.
क्या है भारत की स्थिति?
भारत अभी वैश्विक एक्सपोर्ट में 19वें नंबर पर है. इसका कुल एक्सपोर्ट लगभग 445.2 बिलियन डॉलर है. यह वैश्विक बाजार में 1.7% का योगदान देता है. भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्र में कपड़ा, जेनेरिक दवाएं, पेट्रोलियम उत्पाद और समुद्री भोजन शामिल हैं.
