धमतरी/ जिले में लगातार कम वर्षा, आल्पवृष्टि और खण्डवृष्टि के कारण भूमिगत जल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अबिनाश मिश्रा ने पूरे जिले को 10 मार्च से आगामी मानसून आगमन अथवा 30 जून तक जलाभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है।
पेयजल आपूर्ति पर असर की आशंका
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित हैंडपंप, नलजल योजना, सिंगल फेस पावर पंप एवं सोलर योजनाओं से जल आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। खासकर ग्रीष्म ऋतु में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बिना अनुमति जल उपयोग पर रोक
कलेक्टर के आदेश अनुसार—
बिना अनुमति जल स्रोतों से सिंचाई, औद्योगिक या अन्य उपयोग के लिए पानी लेना प्रतिबंधित रहेगा।
यदि लोकहित में आवश्यक समझा गया, तो कलेक्टर किसी भी जल स्रोत से पानी लेने पर पूर्ण रोक भी लगा सकते हैं।
नए नलकूप खनन पर प्रतिबंध
जिले में कोई भी नया नलकूप बिना अनुमति के नहीं खोदा जा सकेगा।
हालांकि, शासकीय एजेंसियां (जैसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगर निगम/नगर पंचायत) को केवल पेयजल हेतु छूट दी गई है।
इन्हें भी खनन की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को देना अनिवार्य होगा।

प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त
आदेश के पालन हेतु विभिन्न अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है—
अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी: नगर निगम क्षेत्र
एसडीएम धमतरी: धमतरी अनुविभाग
एसडीएम कुरूद: कुरूद अनुविभाग
एसडीएम नगरी: नगरी अनुविभाग
ये अधिकारी अधिनियम के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से जल स्रोतों का दोहन या नलकूप खनन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
