धमतरी/ 30 अगस्त धमतरी जिले में आयोजित “आदि कर्मयोगी अभियान” के अंतर्गत तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रोसेस लैब का सफल समापन हुआ। इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए मास्टर ट्रेनर्स ने ग्राम स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला का शुभारंभ 28 अगस्त को महापौर रामू रोहरा द्वारा किया गया था।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रोमा श्रीवास्तव ने समापन अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि “मास्टर ट्रेनर्स इस अभियान की रीढ़ हैं। यदि हम ग्राम स्तर पर योजनाओं को ईमानदारी और पारदर्शिता से लागू करेंगे, तो यही बदलाव की असली शुरुआत होगी।” उन्होंने बताया कि अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज परिवर्तन की दिशा में एक ठोस कदम है।
सीईओ ने मास्टर ट्रेनर्स को प्रेरित करते हुए यह भी कहा कि “हम सभी कर्मयोगी हैं और हमें अपनी जिम्मेदारी समझकर कार्य करना है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान के तहत, विजन 2030 को ध्यान में रखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, और बुनियादी सुविधाओं में ठोस सुधार लाने के लिए सभी विभागों और ग्राम स्तर के साथियों को मिलकर काम करना होगा।
सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास ने बताया कि इस कार्यशाला के सफल आयोजन के बाद, ब्लॉक स्तरीय कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “इन कार्यशालाओं के माध्यम से ब्लॉक और ग्राम स्तर के कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे अभियान के उद्देश्यों को धरातल पर उतारा जा सके।”
विशेषज्ञों ने भी ग्राम विकास योजनाओं के एकीकरण, आदि सेवा केंद्रों की स्थापना और सामुदायिक सहभागिता पर चर्चा की। प्रतिभागियों को प्रैक्टिकल सेशन के जरिए प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे अपने कार्यक्षेत्र में और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
धमतरी जिले में इस कार्यशाला के बाद, यह स्पष्ट हो गया कि “आदि कर्मयोगी अभियान” ग्राम विकास में नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक सशक्त आंदोलन बनकर उभरेगा।