धमतरी/ किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में कृषि विभाग का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। कलेक्टर अविनाश मिश्रा और संचालक कृषि राहुल देव के निर्देश पर उप संचालक कृषि और निरीक्षक टीमों ने जिलेभर के कृषि विक्रय केन्द्रों पर औचक छापेमारी की।
जांच के दौरान कालाबाजारी, अव्यवस्था और कालातीत कीटनाशक की बिक्री जैसी गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं, जिस पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस, विक्रय प्रतिबंध और लाइसेंस निलंबन जैसी सख्त कार्रवाइयाँ की हैं।
इन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई
🔸 मेसर्स किसान ट्रेडर्स, कुरूद – कारण बताओ नोटिस जारी, विक्रय प्रतिबंध
🔸 मेसर्स नेतराम कृषि केन्द्र, मंदरौद – कारण बताओ नोटिस, विक्रय प्रतिबंध
🔸 मेसर्स प्रेम कृषि केन्द्र, मंदरौद – कारण बताओ नोटिस, विक्रय प्रतिबंध
🔸 मेसर्स माँ चण्डी कृषि केन्द्र, कुरूद – कालातीत कीटनाशक पाए जाने पर विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध व निलंबन
18 से अधिक प्रतिष्ठानों में औचक जांच
धमतरी जिले के कुरूद, कोकड़ी, मंदरौद और संबलपुर क्षेत्र के लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक विक्रय केन्द्रों पर औचक निरीक्षण किया गया।
जिन प्रतिष्ठानों की गहन जांच हुई:
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महावर ब्रदर्स, कुरूद
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लक्ष्मी कृषि केन्द्र, कोकड़ी
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शुभम ट्रेडर्स, कोकड़ी
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महामाया कृषि केन्द्र, संबलपुर
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मधु ट्रेडर्स, कुरूद
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अन्य कई निजी विक्रेता
सख्त निर्देश जारी
कृषि विभाग ने सभी विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
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उर्वरक केवल अनुशंसित दर पर बेचा जाए
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कालातीत उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है
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विभागीय टीमों द्वारा निरंतर निरीक्षण और मॉनिटरिंग जारी रहेगी
किसानों से की गई अपील
उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी उर्वरक या कीटनाशक की कालाबाजारी, अनुचित मूल्य, या अनियमितता की सूचना मिले, तो तत्काल नजदीकी कृषि कार्यालय में जानकारी दें। विभाग तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
क्यों जरूरी है यह कार्रवाई?
यह अभियान किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने और विक्रेताओं में अनुशासन लाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।