धमतरी पुलिस की मजबूत पैरवी और पुख्ता विवेचना से मिला न्याय
धमतरी/ महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए धमतरी पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पॉक्सो एक्ट के गंभीर मामले में माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह मामला थाना मगरलोड में दर्ज अपराध क्रमांक 188/2025 से जुड़ा है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 64(2) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। मामले में आरोपी गजेन्द्र कुमार विश्वकर्मा (27 वर्ष) निवासी ग्राम भरदा, थाना मगरलोड, जिला धमतरी को न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी पाया।
पुलिस अधीक्षक धमतरी द्वारा गंभीर अपराधों की लगातार मॉनिटरिंग और विवेचकों को गुणवत्तापूर्ण जांच के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि धमतरी पुलिस द्वारा मजबूत विवेचना और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन के चलते आरोपियों को कठोर सजा दिलाई जा रही है।
मामले की विवेचना सउनि. महेन्द्र कुमार साहू द्वारा गंभीरता और पेशेवर दक्षता के साथ की गई। जांच के दौरान गवाहों के सशक्त बयान, वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रभावी ढंग से न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर आरोपी को कठोर दंड मिला।

एसपी धमतरी ने उत्कृष्ट विवेचना के लिए सउनि. महेन्द्र कुमार साहू को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित करने की घोषणा की है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में यह पॉक्सो एक्ट के तहत धमतरी पुलिस की छठी बड़ी सफलता है। इससे पहले थाना सिटी कोतवाली धमतरी, चौकी बिरेझर, थाना सिहावा एवं थाना मगरलोड के मामलों में भी आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है।
धमतरी पुलिस ने महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े अपराधों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है और ऐसे मामलों में त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
