झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की हालत दिल्ली के एक अस्पताल में अब भी नाजुक बनी हुई है. अस्पताल सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. पिछले सप्ताह गिरने के कारण मस्तिष्क में गंभीर चोट आने के बाद उन्हें अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है.
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल से जारी एक बयान के अनुसार, वरिष्ठ चिकित्सकों की एक टीम सोरेन के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है. उन्हें शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता सोरेन (62) को जमशेदपुर स्थित अपने आवास के शौचालय में गिरने के कारण मस्तिष्क में गंभीर चोट लगने के बाद शनिवार को विमान से राष्ट्रीय राजधानी लाया गया था.
अस्पताल ने बयान में कहा कि सोरेन को लगातार निगरानी में और जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है. बता दें, जमशेदपुर स्थित अपने घर में बाथरूम में गिरने से उन्हें सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया. वहीं झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने रविवार (3 अगस्त) को अस्पताल जाकर उनका हाल जाना और बताया कि डॉक्टरों की एक टीम इलाज कर रही है.
शनिवार (2 अगस्त) को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अस्पताल जाकर रामदास सोरेन का हालचाल जाना और सोशल मीडिया पर भावुक संदेश लिखा. उन्होंने कहा, “रामदास दा झारखंड आंदोलन के प्रमुख योद्धा रहे हैं. संघर्षों से भरे जीवन में उन्होंने हर चुनौती को मात दी है, और इस बार भी वे जरूर विजयी होकर लौटेंगे. भगवान मरांग बुरु उन्हें शक्ति और साहस दें.”
पूरे झारखंड में चिंता का माहौल
रामदास सोरेन की गिरती सेहत की खबर से पूरे झारखंड में चिंता का माहौल है. जमीनी नेता और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ चेहरा होने के कारण वे आदिवासी समाज और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थनाएं की जा रही हैं.