भारत में रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका UPI अब सिर्फ देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा. आज यह डिजिटल भुगतान सिस्टम दुनिया के कई देशों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है. भारतीय यात्रियों के लिए यह किसी राहत से कम नहीं है क्योंकि अब विदेशों में भी दुकान, होटल या रेस्टॉरेंट पर QR कोड स्कैन करके उसी तरह पेमेंट किया जा सकता है जैसे भारत में किया जाता है. कैश रखने या कार्ड चार्जेस की टेंशन धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है.
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भारत के बाहर UPI की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है. फिलहाल भूटान, नेपाल, श्रीलंका और मॉरीशस जैसे पड़ोसी देशों के साथ-साथ सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस और कतर में भी भारतीय UPI ऐप्स के ज़रिए सीधे भुगतान किया जा सकता है. इन देशों में स्थानीय QR कोड को स्कैन करते ही रकम भारत में मौजूद यूजर के बैंक अकाउंट से कट जाती है और सामने वाले व्यापारी को उसके स्थानीय सिस्टम में पैसा मिल जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में न तो कैश बदलने की जरूरत पड़ती है और न ही विदेशी मुद्रा विनिमय की झंझट रहती है.
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विदेशों में UPI का इस्तेमाल करना भी उतना ही आसान है जितना भारत में. PhonePe, Google Pay या Paytm जैसे UPI सपोर्टेड ऐप्स से QR कोड स्कैन करते ही पेमेंट कुछ ही सेकेंड में पूरा हो जाता है. यही वजह है कि भारतीय टूरिस्ट्स और बिज़नेस ट्रैवलर्स के बीच यह सुविधा तेजी से लोकप्रिय हो रही है. खास बात यह है कि इसमें अलग से इंटरनेशनल कार्ड या अतिरिक्त चार्ज की चिंता नहीं करनी पड़ती.
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UPI अब धीरे-धीरे एक ग्लोबल डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में उभर रहा है. भारत सरकार और NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड कई देशों के साथ मिलकर इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने की दिशा में काम कर रहे हैं. एशिया, अफ्रीका, यूरोप और लैटिन अमेरिका के कई देशों के साथ बातचीत चल रही है ताकि आने वाले समय में वहां भी UPI के जरिए सीधा भुगतान संभव हो सके. इसमें डिजिटल पहचान, ट्रेड पार्टनरशिप और पेमेंट सिस्टम की इंटरऑपरेबिलिटी बड़ी भूमिका निभा रही है.
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इस विस्तार का सबसे बड़ा फायदा भारतीयों को मिल रहा है. विदेश यात्रा के दौरान अब वही अनुभव मिलता है, जो भारत में UPI इस्तेमाल करते समय मिलता है तेज, सुरक्षित और बिना झंझट के. टूरिस्ट्स, व्यापारियों और विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित हो रही है. कुछ बैंक और ऐप्स अब इंटरनेशनल मोबाइल नंबर के साथ भी UPI की सुविधा देने लगे हैं जिससे एनआरआई भी सीधे डिजिटल पेमेंट कर पा रहे हैं.
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UPI अब सिर्फ भारत की पहचान नहीं रहा बल्कि दुनिया में भारत की डिजिटल ताकत का प्रतीक बनता जा रहा है. आने वाले समय में जैसे-जैसे और देश इससे जुड़ेंगे, वैसे-वैसे सेकेंडों में होने वाला यह भारतीय पेमेंट सिस्टम ग्लोबल लेन-देन का नया मानक बन सकता.
