भारत को अक्सर अनाज और मसालों के बड़े निर्यातक के रूप में देखा जाता है, लेकिन एक ऐसा सेक्टर भी है जो चुपचाप देश को हजारों करोड़ की कमाई करा रहा है. दूध, घी और मक्खन जैसे रोजमर्रा के डेयरी उत्पाद आज भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुके हैं. सवाल यह है कि भारत ये उत्पाद किन-किन देशों को भेजता है और इससे देश को कितनी कमाई होती है. चलिए जानें.
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भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है. यहां हर साल लाखों टन दूध और उससे बने उत्पाद तैयार किए जाते हैं. मजबूत दुग्ध उत्पादन व्यवस्था, कोऑपरेटिव मॉडल और बढ़ती प्रोसेसिंग क्षमता की वजह से भारत अब सिर्फ घरेलू जरूरतें ही नहीं, बल्कि विदेशी मांग भी पूरी कर रहा है.
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खासतौर पर घी, मक्खन और मिल्क पाउडर की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है. भारत के डेयरी उत्पादों के सबसे बड़े खरीदार मुख्य रूप से मध्य पूर्व और एशिया के देश हैं. संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान जैसे देशों में भारतीय घी की खास पहचान है.
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इसके अलावा बांग्लादेश, नेपाल और भूटान जैसे पड़ोसी देशों में भारतीय दूध और मिल्क पाउडर की अच्छी खपत होती है. अमेरिका, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपींस, नाइजीरिया और मिस्र भी भारत से डेयरी उत्पाद आयात करने वाले अहम देश हैं.
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मध्य पूर्व और एशियाई देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं, जिनकी खान-पान की आदतों में घी और दूध अहम भूमिका निभाते हैं. इसके अलावा भारतीय घी की शुद्धता और स्वाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी पसंद किया जाता है. भारतीय डेयरी उत्पादों की कीमत भी कई देशों की तुलना में किफायती रहती है, जिससे उनकी मांग लगातार बढ़ रही है.
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भारत मुख्य रूप से स्किम्ड मिल्क पाउडर, फुल क्रीम मिल्क पाउडर, घी और मक्खन का निर्यात करता है. इनके अलावा पनीर और दही जैसे उत्पादों का निर्यात भी अब तेजी से बढ़ रहा है. बीते कुछ वर्षों में फैट बेस्ड उत्पादों यानी घी और मक्खन की मांग में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया है.
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वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने सिर्फ घी और मक्खन के निर्यात से करीब 3,222 करोड़ रुपये की कमाई की है. वहीं पनीर और दही के निर्यात से लगभग 495 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है. इससे पहले 2023-24 में भारत ने कुल डेयरी उत्पादों का निर्यात करीब 272.64 मिलियन डॉलर के स्तर पर किया था.
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2024-25 में यह आंकड़ा और बढ़ने का अनुमान है. भारत के डेयरी निर्यात में गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन, मदर डेयरी और वीआरएस फूड्स जैसी कंपनियों की अहम भूमिका है. ये कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उत्पाद तैयार कर 136 से ज्यादा देशों में भारतीय डेयरी उत्पादों की पहुंच बना चुकी हैं.
