स्मार्टफोन और दूसरे गैजेट को लेकर सोशल मीडिया और आम जीवन में भी कई तरह की अफवाहें चलती रहती हैं. कई लोग यह मानते हैं कि एयरप्लेन मोड में फोन जल्दी चार्ज होता है तो कुछ मानते हैं कि फोन की खराब बैटरी को फ्रीजर में रखने से यह ठीक हो जाती है. आप में से भी बहुत लोगों ने ऐसी अफवाहें सुनी होंगी या इन्हें आजमाकर देखा होगा. आज हम आपको ऐसी ही कुछ अफवाहें और उनके पीछे का सच बताने जा रहे हैं.
एयरप्लेन मोड में बैटरी जल्दी चार्ज होती है?
यह सच नहीं है. हालांकि, एयरप्लेन मोड में फोन सिग्नल सर्च करना बंद कर देता है, लेकिन इससे बैटरी की चार्जिंग स्पीड पर खास असर नहीं पड़ता. फोन को फास्ट और सुरक्षित रूप से चार्ज करने के लिए कंपेटिबल चार्जर और केबल का होना जरूरी है. हां, फोन को बंद कर देने इसमें चल रहे बैकग्राउंड प्रोसेस बंद हो जाते हैं और यह थोड़ा जल्दी चार्ज हो सकता है.
बैकग्राउंड ऐप्स बंद करने से बैटरी की बचत होती है?
यह पूरी तरह गलत है बल्कि इसका उल्टा होता है. असल में अगर आप फोन में बैकग्राउंड ऐप्स को क्लोज नहीं करेंगे तो बैटरी ज्यादा चलेगी. बार-बार ऐप्स बंद कर उन्हें रिओपन करने से ज्यादा बैटरी की खपत होती है. ऐप को बंद कर खोलने से यह RAM में रिलोड होती है, यह ज्यादा बैटरी की खपत करती है.
चावल में रखने से भीगे डिवाइस ठीक हो जाते हैं?
बहुत लोग ऐसा मानते हैं कि भीगे हुए स्मार्टफोन या दूसरे डिवाइसेस को चावल में रख देने से उनकी नमी दूर हो जाएगी. असल में चावल मजबूत ड्राइंग एजेंट नहीं है. ये धीरे-धीरे केवल सतह की नमी सोखते हैं, लेकिन इनसे ऐसे पार्टिकल रिलीज होते हैं, जो चार्जिंग या दूसरे पोर्ट्स को खराब कर सकते हैं.
खराब बैटरी फ्रीजर में ठीक हो जाती है?
अगर बैटरी स्लो चार्ज या ओवरहीट होने लगती है तो कुछ लोग इसे फ्रीजर में रख देते हैं. उनका मानना है कि ऐसा करने से बैटरी ठीक हो सकता है. यह पूरी तरह अफवाह है. आजकल अधिकतर फोन लिथियम-आयन बैटरी के साथ आते हैं और इन बैटरियों को एकदम ठंडे या अधिक गर्म टेंपरेचर के लिए डिजाइन नहीं किया जाता. फ्रीजर में रखने से इनकी केमिकल रिएक्शन धीमी हो जाती है, जिससे बैटरी की लाइफ कम होती है.