Ocean Waves: समुद्र की लहरें वैसे तो काफी शांत लगती हैं. लेकिन जब वे धीरे-धीरे समुद्र तट पर आती हैं या फिर तूफान आता है तो पानी की ऊंची दीवारें उठने लगती हैं और काफी डरावनी नजर आती हैं. लहर बनने के पीछे का विज्ञान हवा, गुरुत्वाकर्षण और यहां तक की समुद्र के नीचे की भूवैज्ञानिक शक्तियों की ताकत को दर्शाता है.
समुद्री लहरों की मुख्य वजह
ज्यादातर समुद्री लहरें हवा से बनती हैं. जब हवा समुद्र की सतह पर चलती है तो यह हवा और पानी के बीच घर्षण पैदा करती है. यह घर्षण हवा से ऊर्जा को पानी की सतह पर पहुंचाता है. हवा जितनी तेज होगी, जितनी देर तक चलेगी और जितना बड़ा इलाका कवर करेगी लहरें उतनी ही बड़ी और शक्तिशाली होंगी. समुद्र में तूफान ऐसी लहरें पैदा कर सकते हैं जो जमीन तक पहुंचने से पहले हजारों किलोमीटर की यात्रा करती हैं.
पानी की हलचल
हालांकि लहरें आगे बढ़ती हुई दिखती हैं लेकिन पानी खुद ज्यादातर अपनी जगह पर ही रहता है. असल में जो यात्रा करता है वह ऊर्जा है पानी नहीं. पानी के अलग-अलग कण छोटे गोलाकार रास्ते में घूमते हैं, ऊपर उठते हैं, नीचे गिरते हैं और लगभग उसी जगह पर वापस आ जाते हैं. इसे समझने का एक आम तरीका स्टेडियम में मैक्सिकन वेव है. लोग अपनी जगह पर खड़े होते हैं और बैठते हैं फिर भी लहर पूरे मैदान में घूमती हुई दिखती है.

गुरुत्वाकर्षण की भूमिका
लहरों को गति देने में गुरुत्वाकर्षण की भी एक बड़ी भूमिका होती है. हवा द्वारा पानी को ऊपर उठाने के बाद गुरुत्वाकर्षण उसे वापस नीचे खींचता है. इससे लहरों का लयबद्ध ऊपर नीचे होना बनता है. हवा की ऊर्जा और गुरुत्वाकर्षण के बीच यह लगातार संतुलन लहरों को उनका जाना पहचाना लुढ़कने का आकार देता है.
आकाशीय गुरुत्वाकर्षण से चलने वाली लहरें
ज्वार भाटा हवा के बजाय गुरुत्वाकर्षण बलों की वजह से बनने वाली लहरों का एक काफी बड़ा और धीमा प्रकार है. चांद का सबसे ज्यादा प्रभाव होता है. यह पृथ्वी के महासागरों को अपनी ओर खींचता है और उच्च ज्वार पैदा करता है. सूरज भी इसमें योगदान देता है. पूर्णिमा और अमावस्या के दौरान जब उसका गुरुत्वाकर्षण चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण के साथ मिलता है तो दुनिया भर में समुद्र के स्तर अनुमानित रूप से ऊपर नीचे होते हैं.
कैसे बनती है सुनामी?
सभी लहरें हवा से नहीं बनती. कुछ सबसे विनाशकारी लहरें जैसे की सुनामी पानी के नीचे अचानक होने वाली गड़बड़ी से होती है. समुद्र के नीचे भूकंप,ज्वालामुखी विस्फोट या फिर भूस्खलन पानी की भारी मात्रा को विस्थापित कर सकते हैं. इसके बाद शक्तिशाली लहरें जेट जैसी गति से समुद्र में दौड़ने लगती हैं. यह लहरें उथले तटीय पानी के पास पहुंचने पर और ऊंची हो जाती हैं.
