क्या आपने कभी सोचा है कि अगर इंसान सिर्फ पैदल चलकर धरती का सबसे लंबा सफर तय करना चाहे, तो वह कहां से कहां तक पहुंच सकता है? यह कोई कल्पना नहीं, बल्कि गणित और भूगोल पर आधारित एक दिलचस्प हकीकत है. धरती की सतह पर ऐसा एक रास्ता मौजूद है, जिसे बिना समुद्र पार किए, लगातार पैदल तय किया जा सकता है. इस सफर की दूरी, समय और चुनौतियां जानकर आप हैरान रह जाएंगे.
धरती पर पैदल चलने का सबसे लंबा रास्ता
वैज्ञानिक और भूगोल विशेषज्ञों के मुताबिक, धरती पर पैदल चलने का सबसे लंबा सीधा मार्ग दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन से शुरू होकर रूस के सुदूर पूर्वी शहर मागादान तक जाता है. यह रास्ता लगभग 14,000 मील यानी 22,500 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबा है. खास बात यह है कि इस पूरे सफर में कहीं भी समुद्र पार करने की जरूरत नहीं पड़ती और इंसान लगातार जमीन पर चलते हुए यह दूरी तय कर सकता है.
कितने देशों से होकर गुजरता है यह सफर?
यह लंबा पैदल मार्ग करीब 16 देशों से होकर गुजरता है. अफ्रीका से शुरू होकर यह सफर मध्य पूर्व, मध्य एशिया और फिर रूस तक पहुंचता है. अलग-अलग देशों की सीमाएं, संस्कृतियां और भौगोलिक परिस्थितियां इस यात्रा को और भी चुनौतीपूर्ण बना देती हैं. हर देश में मौसम, जमीन की बनावट और सुरक्षा हालात अलग होते हैं, जिससे यह सफर सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक परीक्षा भी बन जाता है.

इस दूरी को तय करने में कितना समय लगेगा?
अगर कोई व्यक्ति बिना रुके लगातार पैदल चलता रहे, तो रिपोर्ट्स के अनुसार यह सफर करीब 595 दिनों में पूरा हो सकता है. लेकिन यह केवल सैद्धांतिक अनुमान है. वास्तविकता में इंसान को आराम, भोजन, नींद और स्वास्थ्य का ध्यान रखना पड़ता है. आम हालात में यह यात्रा लगभग 3 साल तक खिंच सकती है. अगर कोई व्यक्ति रोज औसतन 15 किलोमीटर ही चल पाए, तो इतनी दूरी तय करने में उसे 15 से 20 साल तक का समय लग सकता है.
धरती की परिधि और पैदल चलने की सीमा
धरती की परिधि यानी भूमध्य रेखा के आसपास की कुल लंबाई लगभग 40,075 किलोमीटर है. अगर कोई व्यक्ति धरती का पूरा चक्कर पैदल लगाना चाहे, तो उसे कई साल लग जाएंगे. यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि वह रोज कितनी दूरी तय करता है और रास्ते में कितनी बार रुकता है.
