महापौर रामू रोहरा ने कहा – यह केवल प्रशासनिक पहल नहीं, आदिवासी विकास का संकल्प है
धमतरी/ 29 अगस्त जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के “आदि कर्मयोगी अभियान” के अंतर्गत धमतरी जिले में तीन दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला एवं प्रोसेस लैब का शुभारंभ शुक्रवार को साहू सदन, रुद्री में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि महापौर रामू रोहरा ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह कार्यशाला प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से 30 अगस्त 2025 तक आयोजित की जाएगी।
महापौर रोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि “आदि कर्मयोगी अभियान हमारे लिए केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि यह आदिवासी अंचलों में समावेशी विकास का संकल्प है। जब योजनाएँ पारदर्शिता के साथ आमजन तक पहुँचती हैं, तभी सच्चा परिवर्तन संभव होता है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान से स्थानीय नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा, समुदायों में आत्मनिर्भरता आएगी और युवाओं को उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अभियान के माध्यम से आदिवासी अंचलों में विकास योजनाओं की पहुँच और प्रभावशीलता में ऐतिहासिक सुधार होगा।
कार्यशाला का उद्देश्य प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को शासन की योजनाओं, सेवा प्रदायगी और सुशासन के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसमें कार्यकुशलता, पारदर्शिता और त्वरित सेवा वितरण पर विशेष बल दिया जाएगा।
कार्यक्रम में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विमल साहू ने “आदि कर्मयोगी अभियान” की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिले के 108 आदिवासी बहुल गांवों में योजनाओं और सेवाओं की पूर्ण संतृप्ति सुनिश्चित की जाएगी। फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों, SHG सदस्यों और पंचायत प्रतिनिधियों को परिवर्तन के “एजेंट” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री गौकरण साहू, सदस्य अजय ध्रुव व मोनिका देवांगन, परियोजना प्रशासक प्रज्ञानं सेठ, BRLF के सदस्य, जिला एवं ब्लॉक मास्टर ट्रेनर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
महापौर रोहरा ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन प्रेरणास्रोत है और उनके आदर्शों पर चलकर ही सशक्त आदिवासी भारत का निर्माण संभव है।